जांजगीर-चांपा

सड़कों पर बसों का कब्ज़ा

प्रशासन की चुप्पी से जाम और हादसों का बढ़ता खतरा

जांजगीर-चांपा

जिले के शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
शहर की पहले से ही संकरी सड़कों पर अब बस चालकों की मनमानी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
सवारियां बिठाने और उतारने के नाम पर बसें सड़कों पर ही रोक दी जाती हैं, जिससे पूरे शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

चांपा शहर के मुख्य चौक का नज़ारा अब हर दिन का दर्द बन गया है।
सड़कें इतनी संकरी हैं कि दो वाहन आमने-सामने आएं तो निकलना मुश्किल हो जाता है।
लेकिन इस भीड़भाड़ के बीच जब तीन-तीन बसें एक साथ सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं, तो ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।

बस चालकों की इस लापरवाही से न सिर्फ आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि हर दिन किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
शहर के अन्य हिस्सों — जैसे स्टेशन रोड, बस स्टैंड मार्ग और मुख्य बाजार — में भी यही स्थिति देखने को मिलती है।
सुबह ऑफिस और स्कूल टाइम में जाम का आलम ऐसा होता है कि कई लोग समय पर अपनी मंज़िल तक नहीं पहुंच पाते।

स्थानीय नागरिकों की नाराज़गी

शहरवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही है।
पुलिस और यातायात विभाग को बार-बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

एक स्थानीय दुकानदार ने बताया —

“हमारी दुकान के सामने हर दिन बसें खड़ी रहती हैं। न ग्राहक आ पाते हैं, न हम बाहर जा पाते हैं। कई बार आधे घंटे तक रास्ता जाम रहता है।”

एक अन्य निवासी ने कहा —

“यहां रोज़ यही होता है। पुलिस को बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। अगर कभी बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा?”

प्रशासन की चुप्पी और खतरे का बढ़ता ग्राफ

पिछले कुछ महीनों में इसी सड़क पर कई बार वाहनों की आपस में टक्कर हो चुकी है।
हालांकि अभी तक किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिली, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति “दुर्घटना को न्योता” देने जैसी है।

ट्रैफिक नियमों के अनुसार बसों को केवल निर्धारित बस-स्टैंड या पार्किंग क्षेत्र में खड़ा किया जा सकता है।
लेकिन चांपा में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बस संचालक जानते हैं कि पुलिस की सख़्ती न के बराबर है — और इसी ढील ने अव्यवस्था को स्थायी रूप दे दिया है।

यातायात विभाग की चेतावनी

“बसों को मुख्य चौक या बाजार क्षेत्र में खड़ा करने पर पूरी तरह रोक है।
अगर ऐसा जारी रहा, तो बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।”

छोटी सड़कों पर बड़ी बसों का कब्ज़ा — यह सिर्फ चांपा की नहीं, बल्कि छोटे शहरों की आम समस्या बनती जा रही है।
यहां प्रशासन की लापरवाही और बस चालकों की मनमानी ने मिलकर शहर को जाम और दुर्घटनाओं के खतरे की ओर धकेल दिया है।
जरूरत है कि प्रशासन तत्काल सख़्त कदम उठाए — बस स्टैंड क्षेत्र को नियमित करे, सड़क किनारे पार्किंग पर रोक लगाए और पुलिस गश्त बढ़ाए।

जनता की अपील

“सड़कें जनता के लिए हैं, बस स्टैंड के लिए नहीं — प्रशासन जागे, तभी चांपा का यातायात सुधरेगा।”

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