हाफ बिजली बिल योजना पर साय कैबिनेट की बड़ी समीक्षा

छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को राहत देने वाली हाफ बिजली बिल योजना पर आज हुई साय कैबिनेट में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को सरल, पारदर्शी और समय पर राहत पहुँचाने के लिए कई बिंदुओं की समीक्षा की।
- योजना की स्थिति की व्यापक समीक्षा
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऊर्जा विभाग से हाफ बिजली बिल योजना की वर्तमान स्थिति और प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। बैठक में यह बात प्रमुख रूप से रखी गई कि योजना से लाभान्वित होने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, पर शिकायतें भी सामने आ रही हैं—
बिलों में असमानता,
मीटर रीडिंग में देरी,
बकाया समायोजन में भ्रम जैसी समस्याएँ।
सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना जारी रहेगी, लेकिन इसे बेहतर और पारदर्शी तरीके से लागू करना उनकी प्राथमिकता है।
- कैबिनेट में उठे प्रमुख मुद्दे
- बिल निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता
बैठक में निर्णय लिया गया कि बिजली कंपनियां हर उपभोक्ता की बिल रीडिंग को ऑनलाइन अपडेट करेंगी। इससे गलत बिल या मनमानी कटौती की शिकायतें कम होंगी।
- मीटर रीडिंग की डिजिटल मॉनिटरिंग
ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया गया कि मीटर रीडिंग प्रक्रिया को मोबाइल ऐप आधारित बनाया जाए, जिससे फोटो-रीडिंग और डेटा अपलोडिंग रीयल-टाइम में हो सके।
- उपभोक्ता शिकायत निवारण तेज होगा
कैबिनेट ने निर्देश दिया कि 24×7 टोल-फ्री कॉल सेंटर और जिला-स्तर पर मॉनिटरिंग सेल तैयार किए जाएँ ताकि बिल संबंधी शिकायतों का निपटारा 48 घंटे में हो।
- योजना के दायरे को लेकर चर्चा
कुछ मंत्रियों ने सुझाव दिया कि विशेष परिस्थितियों में—
बुजुर्गों,
दिव्यांगों,
अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग
के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राहत दी जाए।
इस पर ऊर्जा विभाग को व्यवहार्यता रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए।
- क्या बदलेगा?— आगामी कदम
सरकार ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में योजना में सुधार और व्यापक अपडेट किए जाएंगे—
बिल प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
इलेक्ट्रिसिटी कंपनी की जवाबदेही बढ़ेगी।
गलत बिल जारी करने पर सीधे अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।
उपभोक्ता पोर्टल पर हर माह की रीडिंग और कटौती का रिकॉर्ड दिखाई देगा।
- मुख्यमंत्री का निर्देश
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—
“बिजली बिल राहत योजना आम जनता से जुड़ी है। शिकायतें गंभीर हैं। हर उपभोक्ता को सही बिल और समय पर लाभ मिले, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।”
हाफ बिजली बिल योजना पर सरकार की यह समीक्षा प्रक्रिया बताती है कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को योजना के और अधिक पारदर्शी और सरल स्वरूप का लाभ मिलेगा। अब आगे देखना दिलचस्प होगा कि कैबिनेट अगले चरण में क्या बदलाव लागू करती है।




