अर्थशास्त्र

डिजिटल युग में भी नकदी का दबदबा, देश में कैश सर्कुलेशन ₹40 लाख करोड़ के पार

भारत की अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह लगातार मजबूत बना हुआ है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक देश में Cash in Circulation (कैश सर्कुलेशन) बढ़कर ₹40 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11.1 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
हालांकि बीते कुछ वर्षों में UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट सिस्टम के ज़रिए लेन-देन में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद नकदी की मांग में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों, छोटे व्यापारियों, असंगठित क्षेत्र और दैनिक जरूरतों वाले लेन-देन में आज भी नकदी की अहम भूमिका बनी हुई है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार त्योहारों, शादियों, कृषि गतिविधियों और खुदरा व्यापार में बढ़ी मांग के कारण बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ा है। इसके साथ ही, अर्थव्यवस्था में गतिविधियों के विस्तार और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी भी कैश सर्कुलेशन बढ़ने का एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर सरकार और रिज़र्व बैंक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। UPI और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि डिजिटल लेन-देन भी समानांतर रूप से तेज़ी से बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, मौजूदा तस्वीर यह बताती है कि भारत की अर्थव्यवस्था में नकदी और डिजिटल भुगतान दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं, जो आर्थिक विस्तार और उपभोक्ता विश्वास का संकेत माना जा रहा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button