छेरछेरा पर्व की धूम: अकलतरा में घर-घर पहुँची बच्चों और युवाओं की टोली, दान परंपरा का उत्सव

रिपोर्टर – मयंक
लोकेशन – अकलतरा
छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर अकलतरा में पारंपरिक उल्लास देखने को मिला। पौष पूर्णिमा के दिन बच्चों और युवाओं की टोलियों ने घर-घर जाकर अन्न का दान मांगा और दान की महान परंपरा को जीवंत कर दिया।
सुबह से ही छोटे-छोटे बच्चों और युवाओं की टोली बैंड पार्टी के साथ शहर की गलियों में निकली।


“छेरछेरा माई, छेरछेरा… कोठी के धान ल हेर-हेरा” जैसे लोकनारों से पूरा अकलतरा गूंज उठा।
इस दौरान लोगों ने खुशी-खुशी धान, चावल और अन्न का दान किया। छेरछेरा पर्व को किसान की मेहनत, नई फसल की खुशी और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छेरछेरा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि दान, समर्पण और संस्कारों की परंपरा है, जिसे नई पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। अकलतरा में बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस लोकपर्व को और भी खास बना दिया।




