
स्थान – कोरबा
रिपोर्टर – संगम दुबे
मनरेगा में किए गए हालिया बदलावों को लेकर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कोरबा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण रोजगार कानून को धीरे-धीरे कमजोर करने की साजिश कर रही है।ज्योत्सना महंत ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को संवैधानिक अधिकार की श्रेणी से हटाकर अपनी मर्जी से संचालित योजना बनाना चाहती है। इससे ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाली 100 दिनों की रोजगार गारंटी खतरे में पड़ जाएगी।


उन्होंने कहा कि नए बदलावों के बाद न तो न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी रहेगी और न ही मजदूरी में हर साल होने वाली बढ़ोतरी का कोई भरोसा। सांसद ने चेतावनी दी कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों को होगा।सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ग्राम पंचायतों की ताकत कमजोर कर मनरेगा के कार्यों को ठेकेदारों के हवाले करने की तैयारी में है। ऐसा होने से पारदर्शिता खत्म होगी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।प्रेस वार्ता में ज्योत्सना महंत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा में किए जा रहे इन बदलावों का सड़क से संसद तक विरोध करेगी और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।





