छत्तीसगढ़ बना मिनरल–लॉजिस्टिक्स हब: रायपुर लॉजिस्टिक्स पार्क से 12,000 MT तांबा चीन रवाना

छत्तीसगढ़ आर्थिक और औद्योगिक मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। राज्य के रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से हाल ही में 12,000 मेट्रिक टन तांबा केंद्रित (Copper Concentrate) चीन के लिए भेजा गया है। यह शिपमेंट न केवल रिकॉर्ड स्तर का है, बल्कि यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ अब देश का एक प्रमुख मिनरल और लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बन चुका है।
लॉजिस्टिक्स पार्क क्यों है खास?
रायपुर का मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क सड़क, रेल और कोल्ड/ड्राई वेयरहाउसिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
यहां से—
भारी खनिज माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही,
लागत में कमी, और
एक्सपोर्ट-लेवल पैकिंग व प्रोसेसिंग
जैसी सेवाएँ एक ही जगह उपलब्ध हैं।
इससे प्रदेश के खनिज क्षेत्रों—बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, बालोद, बस्तर आदि में उत्पादित खनिज को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने का रास्ता और भी सुगम हो गया है।
12 हजार MT तांबा भेजे जाने का क्या मतलब है?
यह शिपमेंट राज्य की उत्पादन क्षमता और क्वालिटी प्रोसेसिंग क्षमता को मजबूत संकेत देता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में छत्तीसगढ़ की पहचान बदलेगी—अब केवल लोहे-इस्पात तक सीमित नहीं, बल्कि तांबा, बॉक्साइट, कोयला और अन्य खनिजों में भी प्रतिस्पर्धी राज्य बनकर उभर रहा है।
इससे निर्यात (Export) वृद्धि के नए अवसर तैयार होंगे।
क्यों बन रहा है छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक्स हब?
देश के मध्य भाग में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति
रेल–सड़क का मजबूत नेटवर्क
खनिज संसाधनों की प्रचुरता
औद्योगिक कॉरिडोर का विकास
MMLP जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ
ये सभी कारण राज्य को पूर्वी–मध्य भारत का बड़ा लॉजिस्टिक्स नोड बना रहे हैं।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
व्यापारिक संगठनों और निर्यातकों ने MMLP की कार्यक्षमता को सराहा है। उनका मानना है कि इससे—
ट्रांसपोर्ट लागत 20–30% तक कम होती है,
डिलीवरी समय घटता है,
और खनिज आधारित उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुँच मिलती है।
सरकारी दृष्टिकोण
राज्य सरकार ने इसे “छत्तीसगढ़ की लॉजिस्टिक्स क्षमता का नया युग” बताया है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 2 वर्षों में—
MMLP को 24×7 उच्च क्षमता वाला निर्यात केंद्र
और औद्योगिक जिलों को सीधे जोड़ने वाला विस्तारित “खनिज गलियारा (Mineral Corridor)”
तैयार किया जाए।




