



(विस्तृत खबर)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर आधारित फिल्म ‘शतक’ को लेकर छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राजधानी रायपुर में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के बाद राज्य सरकार ने इस फिल्म को पूरे प्रदेश में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, सेवा, समर्पण और सामाजिक चेतना की भावना को मजबूती से प्रस्तुत करती है।
रायपुर में आयोजित इस विशेष प्रदर्शन में जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों और प्रशासनिक अधिकारियों ने फिल्म का अवलोकन किया। इसके पश्चात यह निर्णय लिया गया कि फिल्म ‘शतक’ को टैक्स-फ्री कर आम जनता तक आसानी से पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा, सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका से परिचित हो सकें।
फिल्म ‘शतक’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर अब तक की 100 वर्षों की यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। संघ की स्थापना पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से की गई थी। आगे चलकर पूजनीय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ने संगठन को नई दिशा दी और उसका व्यापक विस्तार किया। फिल्म में संघ के अनुशासन, संगठन शक्ति और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को प्रमुखता से दिखाया गया है।
फिल्म यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार संघ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा कार्यों और सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया है। आपदा राहत, सामाजिक सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में स्वयंसेवकों की भूमिका को भी फिल्म में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘शतक’ जैसी फिल्में समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि संघ की 100 वर्षों की सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की यात्रा युवाओं और आम नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस फिल्म को टैक्स-फ्री करने का निर्णय लिया है, ताकि यह प्रेरक गाथा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में फिल्म ‘शतक’ को लेकर दर्शकों में उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि टैक्स-फ्री होने से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ेगी और लोग संघ की शताब्दी यात्रा से सीधे जुड़ सकेंगे।







