छत्तीसगढ़ ने पेश की राष्ट्रीय मिसाल

AI और डेटा एनालिटिक्स से शिक्षा में बड़ा बदलाव, विद्या समीक्षा केंद्र बना राष्ट्रीय मानक
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा प्रशासन में तकनीक के प्रभावी उपयोग से देशभर के लिए एक नई मिसाल पेश की है। आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र (VKS) को टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षा प्रशासन का उत्कृष्ट मॉडल बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय पहल करार दिया है।
विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां AI और डेटा एनालिटिक्स के जरिए स्कूलों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आई है।
राज्य के 48,500 से अधिक शासकीय स्कूलों, 39 लाख विद्यार्थियों और करीब 1.8 लाख शिक्षकों से जुड़े डेटा को एकीकृत कर UDISE, HRMIS, PM पोषण, APAAR ID, आधार और GIS मैपिंग जैसे डेटाबेस का उपयोग किया जा रहा है। AI आधारित एनालिटिक्स से ड्रॉपआउट और लर्निंग गैप की पहचान समय रहते हो पा रही है।
बारकोड आधारित पाठ्यपुस्तक ट्रैकिंग से लगभग ₹50 करोड़ की बचत भी हुई है। IBITF के अनुसार, विद्या समीक्षा केंद्र डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस का राष्ट्रीय मानक बन चुका है और यह पहल छत्तीसगढ़ को शिक्षा में तकनीकी नवाचार के अग्रणी राज्यों में स्थापित करती है।




