दिल्ली ट्रेड फेयर 2025 में चमका छत्तीसगढ़ — पवेलियन को मिला ‘स्पेशल अप्रिसिएशन मेडल

नई दिल्ली में आयोजित 44th India International Trade Fair 2025 में इस बार छत्तीसगढ़ पवेलियन ने अपनी अनोखी थीम, सांस्कृतिक विरासत और इंडस्ट्रियल डिस्प्ले से दर्शकों और निर्णायकों को खासा प्रभावित किया।
14 से 27 नवंबर 2025 तक चले इस भव्य अंतरराष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ को “Special Appreciation Medal” से सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ पवेलियन क्यों रहा विशेष?
पवेलियन की प्रस्तुति पूरी तरह State@25 (छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष) थीम पर आधारित थी, जिसमें राज्य की पहचान बनने वाले तत्वों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया:
आदिवासी कला और हस्तशिल्प — बेल मेटल, लकड़ी शिल्प, डोकरा आर्ट
कोसा रेशम — कोसा कपड़ों, साड़ियाँ और स्टॉल्स की लाइव प्रदर्शनियां
लोक कला और संस्कृति — पंथी, सुवा, राऊत नाचा जैसी झलकियाँ
उद्योग और MSME प्रदर्शन — कोसा उद्योग, हस्तनिर्मित उत्पाद, फॉरेस्ट प्रोड्यूस
दर्शकों ने पवेलियन में परंपरा, टेक्सटाइल, संस्कृति और आधुनिक विकास के संतुलन को विशेष रूप से सराहा।
राज्य के लिए गौरव का क्षण
छत्तीसगढ़ को मिला यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 में राज्य अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है।
इस अवसर पर पवेलियन को देशभर के राज्यों के बीच विशेष पहचान मिलना, राज्य की कला, उद्योग और सांस्कृतिक मजबूती का प्रमाण माना जा रहा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भी हुआ प्रभावित
मेले के आयोजकों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन की
थीम प्रस्तुति,
आकर्षक विजुअल्स,
लाइव डेमो,
और सांस्कृतिक सामंजस्य
की सराहना करते हुए कहा कि यह पवेलियन आगंतुकों के लिए “सबसे अनुभवात्मक” रहा।
जनता का आकर्षण केंद्र
मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन लगातार हाई फुटफॉल दर्ज करता रहा —
कोसा रेशम की खरीद,
आदिवासी कला के हस्तनिर्मित उत्पाद,
और राज्य की अनोखी सांस्कृतिक सजावट
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।




