सिवनी शाला में वीर बाल दिवस: साहिबजादों की अमर शहादत से बच्चों को मिली प्रेरणा

लोकेशन — सिवनी, विकासखंड बलौदा (छत्तीसगढ़)
रिपोर्टर — शुभांशु मिश्रा
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, बलौदा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिवनी के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विभाग द्वारा वीर बाल दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में साहस, एकजुटता, त्याग और देश प्रेम की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत के स्मरण से हुई। उपस्थित शिक्षक-छात्रों ने इन वीर बालकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।
मुख्य वक्ता अशोक तिवारी ने वीर बाल दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई थी।
उन्होंने कहा कि सन 1704 के आनंदपुर साहिब के संघर्ष में गुरु गोविंद सिंह का परिवार बिछड़ गया था और साहिबजादों को बंदी बनाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया, लेकिन मात्र 9 और 7 वर्ष की आयु में दोनों बालकों ने न झुकने का अद्भुत साहस दिखाया। नवाब के आदेश पर दीवार में जीवित चुनवा दिए जाने के बावजूद उन्होंने धर्म और राष्ट्र के सम्मान से समझौता नहीं किया।
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के जिला संयोजक वी. एस. परिहार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि साहिबजादों की शहादत युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और देश सेवा व समर्पण की भावना को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।
विद्यालय के प्रधान पाठक राजू देवांगन और शिक्षक घनश्याम शुक्ला ने भी साहिबजादों की वीरता पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन नरेश देवांगन ने किया तथा आभार प्रदर्शन यशवंत देवांगन द्वारा किया गया।
इस आयोजन में बच्चों ने देशभक्ति गीत, भाषण और समूह चर्चा के माध्यम से वीरता और बलिदान के महत्व पर अपने विचार रखे। विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा और बच्चों में गर्व, साहस और देश के प्रति निष्ठा की ऊर्जा दृष्टिगोचर हुई।




