एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च कुनकुरी में क्रिसमस की धूम, हजारों श्रद्धालु बने प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के साक्षी

दीपक वर्मा – जशपुर
लोकेशन – कुनकुरी
25/12/2025
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थित एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च में क्रिसमस पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कुनकुरी महागिरजाघर में क्रिसमस की पूर्व संध्या से ही विशेष प्रार्थना और मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया।
बुधवार रात करीब 10:30 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम के बाद मध्य रात्रि 12 बजे प्रभु यीशु के जन्म की घोषणा के साथ बालक यीशु को चरनी से निकालकर चुमावन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाइयां दीं और पूरा अंचल खुशी में डूब गया।
शहर सहित आसपास के गांवों से करीब 10 से 15 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे।


इस अवसर पर बिशप स्वामी एमानुएल केरकेट्टा के नेतृत्व में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
आपको बता दें कि 1962 में स्थापित रोजरी की महारानी महागिरजाघर न सिर्फ जशपुर बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है, इस चर्च की मुख्य विशेषता है कि यह एक ही बीम में टिकी हुई है, इसमें 07 दरवाजे एक समान हैं, जहां एक साथ दस हजार लोग प्रार्थना करते हैं।
क्रिसमस को लेकर चर्च परिसर को आकर्षक रोशनी, फूलों और भव्य चरनी से सजाया गया है।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में आदिवासी समाज पारंपरिक वेशभूषा में मांदर की थाप पर नृत्य कर क्रिसमस की खुशियां मना रहा है।
देखा जाए तो कुनकुरी में रोजरी की महारानी महागिरजा घर क्रिसमस का पर्व आस्था, संस्कृति और उल्लास का भव्य संगम बन गया।




