कलेक्टर बोले — फसल चक्र और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, होगा जल संरक्षण

जांजगीर-चांपा, 31 अक्टूबर 2025
कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में “कृषि क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण का उपयोग” विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए फसल चक्र परिवर्तन, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को अब धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और गेंदा फूल जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ना चाहिए। ये फसलें कम पानी में अधिक लाभ देती हैं और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में इन वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रवार योजना तैयार की जाए।


महाबे ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल तकनीक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धीरे-धीरे रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक खेती अपनाएं।
कार्यक्रम में विभागीय वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि यंत्रों, इंटरक्रॉपिंग तकनीक और फसल कटाई की नई विधियों की जानकारी दी। अंत में कलेक्टर ने कहा —
“किसानों की प्रगति ही जिले की प्रगति है, प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।”




