कलेक्टर के कड़े निर्देश भी बेअसर — खनिज विभाग की नींद नहीं टूटी, रेत माफिया बेकाबू

बम्हनीडीह
नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रसिद्ध बाबा घाट में रेत माफियाओं का दबदबा इतना बढ़ चुका है कि खनिज विभाग सहित जिला प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। घाट पर खुलेआम रेत उत्खनन का अवैध कारोबार चल रहा है, और प्रतिदिन दर्जनों हाइवा–ट्रैक्टर बिना रोकटोक रेत निकालकर ऊँचे दामों में बिलासपुर के बड़े व्यापारियों तक पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि खनिज विभाग की कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। मौके पर दर्जनों वाहन रेत लोड करते दिखाई देते हैं, लेकिन विभाग केवल 1–2 गाड़ियां पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने में ही व्यस्त है।
सूचना लीक होने का आरोप – कार्रवाई से पहले ही गायब हो जाते हैं वाहन
ग्रामीणों के अनुसार, विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण माफियाओं को कार्रवाई की खबर पहले ही मिल जाती है। जैसे ही खनिज अधिकारी अपनी गाड़ी लेकर निकलते हैं, सूचना पहले से उत्खननकर्ताओं तक पहुंच जाती है, और जेसीबी, ट्रैक्टर व हाइवा मौके से तुरंत हट जाते हैं।
यही कारण है कि विभाग जब भी पहुंचता है, उसे सिर्फ खाली जमीन मिलती है और उसी का पंचनामा बनाकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट कर दी जाती है।
कलेक्टर पहुंचे, फिर भी नहीं टूटी खनिज विभाग की नींद
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद 11 नवंबर की शाम कलेक्टर जन्मेजय महोबे खुद बाबा घाट पहुंचे। मौके पर कई वाहनों को रेत लोड करते देख उन्होंने सख्त निर्देश दिए और खनिज अधिकारी को तुरंत बड़ी कार्रवाई करने कहा।
लेकिन कलेक्टर की कार्रवाई के बाद भी खनिज विभाग की रफ्तार वही पुरानी रही। अगले दिन विभाग ने केवल 1–2 ट्रैक्टर पकड़े, जबकि घाट पर रोजाना बड़े पैमाने पर रेत चोरी जारी है। इससे रेत माफियाओं का मनोबल और भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का आरोप — कार्रवाई एक तैयार स्क्रिप्ट की तरह
नागरिकों का कहना है कि खनिज विभाग की पूरी व्यवस्था “निर्धारित ड्रामा” की तरह चल रही है। जहां 10–15 गाड़ियां काम कर रही होती हैं, वहाँ केवल 1–2 वाहन पकड़कर थाना सुपुर्द कर दिया जाता है, जबकि बाकी वाहन रास्ते में ही “छोड़” दिए जाते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 6 जेसीबी नियमित रूप से काम कर रही हैं, पर अब तक एक भी नहीं पकड़ी गई, जो विभाग की लापरवाही को साफ दिखाता है।
अधिकारियों का बयान
अनिल साहू, जिला खनिज अधिकारी – जांजगीर-चांपा
“आज टीम गई थी और 3 ट्रैक्टर पकड़े हैं। यदि विभाग के कर्मचारी लोकेशन लीक कर रहे होंगे तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।”
जन्मेजय महोबे, कलेक्टर – जांजगीर-चांपा
“माइनिंग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष
बाबा घाट में रेत उत्खनन की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। खनिज विभाग केवल पंचनामा बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी बता रहा है, जबकि रेत माफिया खुलेआम नदी को लूट रहे हैं। यदि जल्द ही ठोस और कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में संसाधनों की लूट और प्रशासन की साख दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।




