धान खरीदी पर कलेक्टर का सख्त रुख: नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक, कोचियों–बिचौलियों पर जीरो टॉलरेंस

सक्ति,रिपोर्टर-दीपक यादव
जिले में धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आज कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिला सभा कक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। धान खरीदी कार्य के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों से केंद्रों की वास्तविक स्थिति, व्यवस्थाओं और सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर के प्रमुख निर्देश—
छोटे और सीमांत किसानों के धान की खरीदी को प्राथमिकता दी जाए।
किसी भी स्थिति में कोचियों और बिचौलियों का धान स्वीकार न किया जाए।
धान की स्टैकिंग व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से की जाए।
उपार्जन केंद्रों में पारदर्शिता, त्वरित प्रक्रिया और किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित हो।
किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या मिलीभगत पाई गई तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘सतर्क एप’ की जानकारी देकर उसके उपयोग पर जोर दिया गया।
बैठक में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर के.एस. पैकरा, जिला खाद्य अधिकारी, सहकारिता अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी प्रदेश की सबसे संवेदनशील और प्राथमिकता वाली प्रक्रिया है, ऐसे में सभी अधिकारी मैदान में पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से काम करें, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।




