छत्तीसगढ़

पीथमपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और दबाव की शिकायतें गंभीर—सरपंच व पति पर विकास कार्य रोकने के आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की

चांपा/पीथमपुर
पीथमपुर ग्राम पंचायत में सरपंच रूपांजली धर्मेंद्र उदासी और उनके पति धर्मेंद्र उदासी के खिलाफ भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, दादागिरी और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों एवं छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ ने कलेक्टर को शिकायत देकर स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की है।

मजदूर संगठन का आरोप—शिविर लगाने से रोका, वैध शुल्क को बताया अवैध

छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ ने बताया कि उनके ‘सदस्यता अभियान एवं श्रमिक सहायता शिविर 2025-26’ में सरपंच और उनके पति लगातार बाधा डाल रहे हैं।
संघ के मुताबिक:

शिविर लगाने की अनुमति नहीं दी गई

संघ द्वारा लिए जाने वाले वैध शुल्क ₹10 प्रवेश शुल्क, ₹20 मासिक (₹240 वार्षिक) और ₹50 परिचय पत्र शुल्क — कुल ₹300 को अवैध बताकर ग्रामीणों को गुमराह किया गया

संघ पदाधिकारी रवि चंदेलिया के साथ दुर्व्यवहार किया गया

बाद में उनके नाम से तथ्य छिपाकर जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई गई

ग्राम पंचायत में विकास कार्य ठप

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में लगभग सभी विकास कार्य महीनों से रुके पड़े हैं।

रुके हुए कार्यों में शामिल हैं:

मनरेगा—मजदूरों को काम नहीं मिल रहा

प्रधानमंत्री आवास योजना—नए आवास स्वीकृत नहीं हो रहे

शौचालय निर्माण—कार्य पूर्णतः बंद

ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले सरपंच द्वारा कमीशन की मांग की जाती है। कमीशन राशि न दिए जाने पर काम शुरू ही नहीं होने दिया जाता।

सरपंच पति पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप

ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच पति धर्मेंद्र उदासी गांव में मुनादी कराकर सरकारी योजनाओं के बारे में गलत जानकारी देते हैं, जिससे लाभार्थी भ्रमित हो जाते हैं।

गंभीर आरोप:

पीएम आवास योजना के लिए ₹15,000 से ₹20,000 तक की वसूली

पैसे न देने पर पात्र ग्रामीणों को योजना से वंचित करना

बाजार और मोहल्लों में जाकर घर-घर वसूली की कोशिश

पंचायत कार्यालय अक्सर बंद, वित्त आयोग की राशि भी अटकी

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत कार्यालय कई-कई दिनों तक बंद रहता है, जिससे सामान्य कार्य भी प्रभावित होते हैं।
उनका कहना है कि 15वें और 16वें वित्त आयोग की राशि खाते में उपलब्ध है, लेकिन कोई भी विकास कार्य नहीं कराया जा रहा।

उप-सर्पंच और पंचों के साथ समन्वय की कमी भी पंचायत की कार्यप्रणाली को कमजोर कर रही है।

जिला कार्यालय में रोजाना शिकायतें—अफसर परेशान

ग्रामीणों व अधिकारियों के अनुसार सरपंच पति धर्मेंद्र उदासी रोजाना जिला कार्यालय पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराते हैं, जिनमें से कई शिकायतें तथ्यात्मक रूप से गलत पाई गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि उनकी इस लगातार शिकायतबाजी से कार्य अनावश्यक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

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