चाम्पा में आस्था और सामाजिक एकता का संगम, 210 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी

लोकेशन (Location)
चाम्पा, जिला जांजगीर-चाम्पा
रिपोर्टर (Reporter)
शुभांशू मिश्रा
जांजगीर-चाम्पा जिले के चाम्पा नगर में आज आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक भव्य आयोजन देखने को मिला।
परशुराम चौक स्थित भाले राव स्टेडियम में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में 210 परिवारों ने अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म में घर वापसी की।
यह आयोजन अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नेतृत्व में शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
चाम्पा नगर में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में धार्मिक विधि-विधान, हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 210 परिवारों की सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई गई।
इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सभी परिवारों का पांव धोकर उनका स्वागत किया, जिसे आयोजकों ने सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया।
घर वापसी करने वाले परिवारों ने कहा कि वे अपने मूल सनातन संस्कारों और परंपराओं से पुनः जुड़कर आत्मिक संतोष महसूस कर रहे हैं। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय बताया।



सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा—
“हमारा प्रयास किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का है। सनातन धर्म की परंपरा हमेशा से समावेशी और सहिष्णु रही है।”
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और सांस्कृतिक चेतना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने बताया कि उन्होंने धर्म परिवर्तन से जुड़े विषयों पर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया है।उनका कहना था कि समाज में जागरूकता और कानून दोनों जरूरी हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति दबाव या प्रलोभन में आकर निर्णय न ले।हिंदू सम्मेलन में अखिल भारतीय धर्म जागरण, अखिल भारतीय घर वापसी अभियान, धार्मिक विद्वान, समाजसेवी संगठन और आरएसएस के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।
वक्ताओं ने हिंदू धर्म की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक मूल्यों और जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अपनी परंपराओं को समझने और अपनाने की अपील की।


आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में
नगर, जिला और प्रदेश स्तर पर ऐसे सांस्कृतिक-सामाजिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इसके तहत गांव-गांव जाकर संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
चाम्पा में आयोजित यह विशाल हिंदू सम्मेलन आस्था के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देने वाला आयोजन बनकर सामने आया, जिसमें लोगों ने स्वेच्छा से अपने मूल संस्कारों से पुनः जुड़ने का संकल्प लिया।




