जशपुर

मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य का अपमान, कांग्रेस का आरोप—धर्म और संविधान पर सीधा हमला

रिपोर्टर:- दीपक वर्मा
लोकेशन:- कुनकुरी, जशपुर
दिनांक:- 21/01/2026


प्रयागराज से जुड़ा एक बड़ा धार्मिक और राजनीतिक विवाद सामने आया है। मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर जगतगुरु शंकराचार्य को शाही स्नान से रोके जाने और श्रद्धालुओं पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शंकराचार्य न तो किसी राजनीतिक दल के नेता हैं और न ही किसी सरकार के कर्मचारी, बल्कि वे सनातन धर्म की बौद्धिक और आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। ऐसे संत को रोकना संविधान के अनुच्छेद 25 का सीधा उल्लंघन है, जो प्रत्येक नागरिक को धर्म पालन की स्वतंत्रता देता है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब श्रद्धालु शांतिपूर्वक स्नान के लिए पहुंचे थे, तो उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। क्या अब सिर्फ सत्ता समर्थक भक्ति ही सुरक्षित है? कांग्रेस ने बीजेपी पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय संतों का सम्मान और सत्ता में आने के बाद स्वतंत्र संतों का अपमान किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला किसी एक शंकराचार्य का नहीं, बल्कि भारत की धार्मिक आत्मा और लोकतांत्रिक चेतना का अपमान है। इस विषय पर जिलाध्यक्ष कांग्रेस यूडी मिंज और ब्लॉक अध्यक्ष वाल्टर कुजूर ने भी सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button