छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान तेज — 15.5 लाख फॉर्म दिल्ली भेजकर बीजेपी पर बड़े आरोप

छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर गरमी बढ़ गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने राज्यभर में चलाए गए अपने विशेष अभियान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के तहत 90 विधानसभा क्षेत्रों से करीब 15.5 लाख हस्ताक्षरित फॉर्म एकत्र कर दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय को भेजे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और अनियमितताएं की गई हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई वोटर सूचियों में डुप्लीकेट नाम, एक ही पते पर कई मतदाता, और फर्जी मतदाता पहचान जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।


राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं ने राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन से इन फॉर्मों को एक प्रतीकात्मक ट्रक रैली के माध्यम से दिल्ली रवाना किया। इस दौरान “वोट चोर गद्दी छोड़” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए गए।
कांग्रेस का कहना है कि यह कदम चुनाव आयोग पर दबाव बनाने और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पार्टी ने मांग की है कि आयोग राज्य के सभी जिलों में मतदाता सूची की स्वतंत्र जांच कराए।
इस अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर मतदाताओं से हस्ताक्षर करवाए। पार्टी का दावा है कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान रहा, जिसमें लाखों लोगों ने मतदाता सूची में सुधार की मांग का समर्थन किया।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के आरोपों को “बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट” बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपनी हार निश्चित दिख रही है, इसलिए वह जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को गर्म करने की कोशिश है। एक ओर कांग्रेस इसे मतदाता अधिकारों की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे चुनावी प्रोपेगेंडा करार दे रही है।
प्रचार-बिंदु विकल्प
“कांग्रेस ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाकर पारदर्शी चुनाव की मांग की।”
“15.5 लाख हस्ताक्षर कांग्रेस की जनभागीदारी और संगठनात्मक ताकत का संकेत।”
“बीजेपी ने कहा—कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है, आयोग की जांच से सब स्पष्ट होगा।”




