गौ-तस्करी का सिलसिला नहीं थमा — कोरबा में कार्रवाई के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद

कोरबा
जिले के उरगा थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने अवैध पशु परिवहन करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन में बैलों को अवैध रूप से वध के लिए उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए उरगा थाना पुलिस ने सराईपाली क्षेत्र में घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। जांच के दौरान वाहन से 7 बैल बरामद हुए, जिनके परिवहन के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।
मौके से वाहन चालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जशपुर, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के युवक शामिल हैं। वहीं तीन आरोपी — निर्मल बंजारे, दीपक कुर्रे और लक्ष्मण रात्रे उर्फ दूलू — अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।


पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश तिवारी के नेतृत्व में आरक्षक रामु कूर्मी, रामेन्द्र वर्मन और कमल कंवर सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
हालांकि, यह घटना एक बार फिर उरगा थाना क्षेत्र में गौ-तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर सवाल खड़े करती है।
पिछले दिनों फरसवानी इलाके में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहाँ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा था।
लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच बड़ा सवाल यही है —
“क्या पुलिस की कार्रवाई तस्करों के हौसले तोड़ने के लिए पर्याप्त है?”
कोरबा पुलिस का कहना है कि वह अपराध पर नियंत्रण के लिए हर वक्त मुस्तैद है, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही हैं।




