रिस्दा में श्रीमद् भागवत कथा और महाशिवरात्रि पर भव्य रुद्राभिषेक, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

रिपोर्टर – दीपक यादव
लोकेशन – जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले के कुटीघाट स्थित रिस्दा गांव में इन दिनों धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गांव में 21 कुंडीय श्री शिव शक्ति महायज्ञ के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विशेष रुद्राभिषेक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
वृंदावन धाम से पधारी विदुषी आराध्या द्विवेदी ब्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करा रही हैं। कथा के दौरान भगवान विष्णु के अवतारों, काल परिवर्तन और श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि नंद बाबा के घर श्रीकृष्ण के आगमन से पूरा गोकुल आनंद में डूब गया था।
बिलासपुर–जांजगीर–शिवरीनारायण नेशनल हाईवे से लगे रिस्दा गांव में 11 फरवरी से 17 फरवरी तक आयोजित इस 21 कुंडात्मक श्री शिव शक्ति महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा में आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कथा में कंस, पूतना और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए यह संदेश दिया गया कि निष्कपट भाव से ईश्वर से जुड़ने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कथावाचिका ने बताया कि पूतना पूर्व जन्म में राजा बलि की पुत्री थी। वामन अवतार के प्रसंग से जुड़े उसके भाव और कर्मों के कारण ही उसे दूसरे जन्म में श्रीकृष्ण को दूध पिलाने का सौभाग्य मिला और अंततः मोक्ष प्राप्त हुआ।


यज्ञकर्ता श्री श्री 1008 श्री स्वामी योगी सत्यानंद गिरी महाराज (मानस मंथन, जूना अखाड़ा, वृंदावन धाम) ने कहा कि यज्ञ से न केवल मानसिक विकार दूर होते हैं, बल्कि सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यज्ञ से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और यह आयोजन केवल एक गांव के लिए नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के उद्देश्य से किया जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का भव्य श्रृंगार और अभिषेक किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भोले बाबा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।




