मनेंद्रगढ़ में साइबर सुरक्षा संवाद: आईजी दीपक झा बोले — जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार

मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)
साइबर अपराधों पर रोकथाम और आम जनता में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा चौघड़ा में “साइबर सुरक्षा संवाद एवं जन-जागरूकता अभियान” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा और एसपी रत्ना सिंह सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और लोगों से सावधानी बरतने, अनजान कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया न देने तथा ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करने की अपील की।
आईजी दीपक झा ने अपने संबोधन में कहा —
“डर और लालच, दोनों ही साइबर अपराधियों के प्रमुख हथियार हैं। इनसे ऊपर उठकर जागरूक रहना ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है। अगर लोग सावधान रहें, तो 90% साइबर अपराध रोके जा सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार साइबर जागरूकता अभियान चला रही है ताकि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लोग डिजिटल ठगी और फिशिंग जैसी घटनाओं से सतर्क रह सकें।
इस मौके पर उपस्थित एसपी रत्ना सिंह ने भी कहा कि जिले में साइबर सेल को मजबूत किया गया है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
कार्यक्रम में पुलिस टीम ने साइबर सुरक्षा पर लघु फिल्म और डेमो प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।



