बांग्लादेश के आम चुनाव में अल्पसंख्यकों का प्रदर्शन, कितने हिंदू उम्मीदवार जीते?

बांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में अल्पसंख्यक समुदाय के 4 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इनमें 2 उम्मीदवार हिंदू समुदाय से हैं। चारों विजेता Bangladesh Nationalist Party (BNP) के टिकट पर चुनाव जीते हैं।
किन हिंदू उम्मीदवारों को मिली जीत?
गायेश्वर चंद्र रॉय
निताई रॉय चौधरी
दोनों हिंदू उम्मीदवारों ने BNP के टिकट पर चुनाव जीता।
गायेश्वर चंद्र रॉय पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं।
निताई रॉय चौधरी पार्टी के वाइस प्रेसिडेंट और वरिष्ठ रणनीतिकार माने जाते हैं।
इन उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में Jamaat-e-Islami के प्रत्याशियों को हराया।
अन्य विजेता अल्पसंख्यक उम्मीदवार
सचिन प्रू – बौद्ध समुदाय से, BNP के वरिष्ठ नेता
दीपेन दीवान – बौद्ध समुदाय से (कुछ लोग इन्हें हिंदू मानते हैं)
इस प्रकार कुल 4 अल्पसंख्यक उम्मीदवार संसद पहुंचे।
चुनावी मैदान में कितने अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतरे?
बांग्लादेश चुनाव आयोग के अनुसार:
कुल 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे
इनमें 10 महिलाएं शामिल थीं
Communist Party of Bangladesh (CPB) ने सबसे अधिक 17 अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे
22 राजनीतिक दलों ने 67 उम्मीदवार उतारे
12 उम्मीदवार निर्दलीय थे
जमात-ए-इस्लामी ने पहली बार उतारा हिंदू उम्मीदवार
Jamaat-e-Islami ने अपने इतिहास में पहली बार एक हिंदू उम्मीदवार को टिकट दिया।
कृष्ण नंदी को खुलना सीट से उम्मीदवार बनाया गया, हालांकि वे चुनाव हार गए और दूसरे स्थान पर रहे।
बांग्लादेश में हिंदू आबादी और संसद में प्रतिनिधित्व
बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 8 प्रतिशत है।
2018 और 2024 के चुनावों में 17-17 हिंदू सांसद चुने गए थे, जिनमें अधिकांश Awami League से थे।
चुनावी नतीजों का गणित
Tarique Rahman के नेतृत्व में BNP को 49.97 प्रतिशत वोट मिले
BNP ने 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया
जमात-ए-इस्लामी को 31.76 प्रतिशत वोट और 68 सीटें मिलीं
नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) को 6 सीटें और 3.05 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए
कुल मिलाकर, इस चुनाव में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व सीमित रहा, लेकिन BNP के टिकट पर दो हिंदू उम्मीदवारों की जीत ने राजनीतिक चर्चा को नया आयाम दिया है।




