
रिपोर्टर-सरोज कुमार रात्रे/लोकेशन-कोरबा
कोरबा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया… जब पास होने के बावजूद जनप्रतिनिधियों को कथा स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया…


एंट्री को लेकर पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली… मामला तब और बढ़ गया जब “पास फाड़ देने” जैसी बात सामने आई…
इस पर नाराज जनप्रतिनिधि भड़क उठे और मौके पर ही चुनौती देते हुए कहा— “लो, फाड़ कर दिखाओ!”
बताया जा रहा है कि आयोजन की व्यवस्थाओं में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप ज्यादा था… जिसकी वजह से लगातार अव्यवस्था और विवाद की स्थिति बनती रही…
अब बड़ा सवाल ये है कि… जब जनप्रतिनिधियों को विधिवत पास जारी किए गए थे… तो फिर उन्हें प्रवेश से रोका क्यों गया… और आखिर इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?




