अकलतरा में शासकीय जमीन पर कब्जे की बाढ़: शिकायतों के बावजूद कार्रवाई ठप, CMO पर दुर्व्यवहार के आरोप

अकलतरा
नगर पालिका क्षेत्र के नए थाना के पीछे वार्ड न. 13 में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि मुख्य मार्ग से लेकर सरकारी कार्यालयों और पुलिस थाना परिसर के आसपास तक कब्जाधारी खुलेआम जमीन घेरकर प्लॉटिंग और बिक्री में जुटे हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात—कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
कब्जाधारियों के हौसले बुलंद, पुलिस थाने के पास तक अवैध निर्माण
यह नगर के विकास का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। इसी मार्ग पर कई शासकीय कार्यालय और पुलिस थाना स्थित है। बावजूद इसके पुलिस थाने के आसपास तक अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं, मानो प्रशासन की नज़रों के सामने ही सरकारी जमीन का बंटाधार हो रहा हो।






लिखित शिकायतों पर भी चुप्पी—CMO पर दुर्व्यवहार का आरोप
शहरवासियों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद CMO की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इतना ही नहीं, शिकायत करने वालों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की भी बात सामने आई है।
चार बार नोटिस, फिर भी कार्रवाई नहीं—प्रशासन पर सवाल
खिसोरा मार्ग पर अवैध कब्जों के मामले में CMO को चार बार नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन फरवरी से लेकर अब तक कार्रवाई का एक भी कदम आगे नहीं बढ़ा। मामला केवल नगर पालिका तक सीमित नहीं रहा—तहसीलदार, SDM और यहां तक कि कलेक्टर को भी आवेदन दिए गए, पर प्रशासन की चुप्पी आज भी बरकरार है।

अब सवाल इससे भी गंभीर हो गया है—
कब्ज़ाधारियों को “विक्रेता” के रूप में संरक्षण देने के आरोप सीधे CMO और वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद पर लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन लोगों पर कब्ज़ा हटाने की जिम्मेदारी है, वही यदि बिक्री में शामिल बताए जाएं या कब्ज़ाधारियों का संरक्षण करें, तो कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
नागरिकों का आरोप है कि वार्ड 13 में बढ़ते अवैध कब्ज़ों के पीछे प्रशासनिक मौन और जनप्रतिनिधियों की कथित संलिप्तता सबसे बड़ा कारण है। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और कब्ज़ा माफिया तथा उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।




