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संसद में पेश हुआ ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — VB‑G RAM G बिल, 2025,MGNREGA की जगह नया ग्रामीण रोजगार ढांचा पेश

नयी दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने मंगलवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) — VB‑G RAM G बिल, 2025 को लोकसभा में पेश किया, जिसका उद्देश्य पिछले दो दशक से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को बदलना है। यह विधेयक ग्रामीण भारत में रोजगार, आजीविका और बुनियादी ढांचा सृजन को एक आधुनिक कानूनी ढांचे में बदलने का प्रयास करता है।

बिल के मुख्य अंश इस प्रकार हैं

125 दिनों की रोजगार गारंटी:
वर्तमान MGNREGA के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिन रोजगार गारंटी मिलती है। नए VB‑G RAM G बिल में यह संख्या बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को अधिक आय और सुरक्षा मिलेगी।

रोजगार का आधुनिक ढांचा:
बिल ग्रामीण विकास को एक आधुनिक व संरचित योजना में बदलने की सोच पर आधारित है, जिसमें रोजगार केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल सुरक्षा, कृषि‑सर्चना और आजीविका से जुड़े सतत विकासात्मक कार्य शामिल होंगे।

केंद्र और राज्य की साझेदारी:
नए बिल के तहत रोजगार योजनाओं को लागू करने में राज्यों की भूमिका बढ़ेगी, और केंद्र‑राज्य 60:40 वित्तीय हिस्सेदारी की व्यवस्था के तहत काम करेंगे, जिसका असर बजटीय नियोजन और कार्यक्रम क्रियान्वयन पर पड़ेगा।

काम के दौरान नई व्यवस्थाएं:
इस विधेयक में प्लानिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, वेतन के त्वरित भुगतान, और कार्य वितरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा कृषि के मुख्य सीज़न (बुवाई/कटाई) के दौरान कार्य रोके जाने के लिए 60 दिनों तक “Work Pause” का विकल्प भी प्रस्तावित है ताकि मजदूर कृषि कार्य में संलग्न रह सकें।

विपक्ष की आपत्तियाँ:
बिल पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने इसका जमकर विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं सहित कई सांसदों ने MGNREGA का नाम बदलने और गांधी के नाम को हटाने जैसे प्रस्तावों पर तीखी टिप्पणियाँ की हैं, इसे ग्रामीणों के मौलिक अधिकारों में कटौती बताकर आलोचना की है।

सरकार का दावा है कि यह नया कानूनी ढांचा ग्रामीण भारत को Viksit Bharat 2047 की दिशा में आगे बढ़ाएगा और रोजगार से जुड़े पुराने ढांचे को और अधिक लाभप्रद, पारदर्शी तथा समन्वित बनाएगा।

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