तहसीलदार की गैरमौजूदगी से किसानों के रकबा सुधार में अड़चन

लोकेशन – सूरजपुर, छत्तीसगढ़
रिपोर्टर – सुरेन्द्र साहू
सूरजपुर जिले के देवनगर तहसील कार्यालय में तीन दिनों से तहसीलदार की अनुपस्थिति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रकबा सुधार से जुड़े कार्य अटकने के कारण किसान धान खरीदी प्रक्रिया में भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। नाराज किसानों और जनप्रतिनिधियों ने आज तहसील कार्यालय पहुंचकर मामले को गंभीरता से उठाया।
देवनगर के किसानों का कहना है कि रकबा सुधार के बिना उनकी धान बिक्री अटक रही है। कई किसानों के भू-अभिलेखों में त्रुटियां होने के चलते ई-रकबा सुधार आवश्यक है, लेकिन तहसीलदार की लगातार गैरमौजूदगी के कारण उनके आवेदन लंबित पड़े हैं।
स्थिति तब और गंभीर हुई जब किसानों ने बताया कि तीन दिनों से अधिकारी के नदारद रहने के कारण उन्हें रोजाना तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आज मंगलवार को मंडल अध्यक्ष अनिल साहू, जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि किसानों के साथ तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से किसानों के कार्य शीघ्र निपटाने की मांग की।


मंडल अध्यक्ष अनिल साहू ने कहा—
“तहसीलदार मैडम लगातार तीन दिनों से अनुपस्थित हैं। किसान रकबा सुधार के लिए भटक रहे हैं, जिससे धान बिक्री प्रभावित हो रही है। समय रहते सभी किसानों के रकबा सुधार किए जाएं, ताकि वे सही समय पर धान बेच सकें।”
किसानों का आरोप है कि अधिकारी की अनुपस्थिति न सिर्फ धान खरीदी को प्रभावित कर रही है, बल्कि पूरे राजस्व विभाग के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
अब किसान और जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि मामले पर तत्काल कार्रवाई की जाए और किसानों के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।




