रायपुर में शुरू DGP-IGP सम्मेलन 2025 — अमित शाह की मौजूदगी में सुरक्षा रणनीतियों पर होगी हाई-लेवल समीक्षा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (नवा रायपुर) में आज से तीन दिवसीय DGP-IGP सम्मेलन 2025 की शुरुआत हो गई।
28 से 30 नवंबर तक चलने वाला यह देश का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा सम्मेलन है, जिसमें पूरे भारत के पुलिस प्रमुख (DGP), महानिरीक्षक (IGP) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
सम्मेलन में देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल उन्मूलन की रणनीति, आतंकवाद-रोधी तंत्र, साइबर सुरक्षा, खुफिया समन्वय और आधुनिक पुलिसिंग पर विस्तृत चर्चा होगी।
गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी
सम्मेलन के प्रमुख सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे। उन्होंने राज्यों के पुलिस प्रमुखों के साथ सुरक्षा चुनौतियों पर मंथन किया और आगामी वर्ष की रणनीति पर दिशा-निर्देश दिए।
नवा रायपुर में अस्थायी PMO संचालन की चर्चा
कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और प्रोटोकॉल की विशिष्ट व्यवस्थाओं के बीच यह भी बताया जा रहा है कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े कुछ प्रबंधन कार्य नवा रायपुर स्थित स्पीकर हाउस (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का आधिकारिक आवास) से अस्थायी रूप से संचालित किए जा सकते हैं।
यह देश में पहली बार है जब किसी सुरक्षा सम्मेलन के दौरान ऐसी व्यवस्था पर विचार किया गया।
केंद्र और राज्य एजेंसियाँ एक ही मंच पर
सम्मेलन में
IB
RAW
BSF
CRPF
NIA
राज्यों के ATS प्रमुख
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D)
जैसी एजेंसियाँ एक मंच पर अपनी प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए भी अहम मंच
इस बार सम्मेलन नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा नक्सल उन्मूलन, कम्युनिटी पुलिसिंग और नई रणनीतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी जाएगी।
सुरक्षा-व्यवस्था अभूतपूर्व
नवा रायपुर में
3-स्तरीय सुरक्षा,
ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम,
स्पेशल कमांडो टीमों की तैनाती
की गई है।
सम्मेलन को लेकर राजधानी में VIP मूवमेंट भी बढ़ा हुआ है।



