खतरे में भी नहीं डगमगाई—जाबांज महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज को एसपी–कलेक्टर ने किया सम्मानित

रिपोर्टर:-विनीत मिश्रा
लोकेशन:-अंबिकापुर
साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पेश करने वाली महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज को आज सरगुजा के एसपी राजेश अग्रवाल और कलेक्टर विलासराव भोस्कर ने विशेष रूप से सम्मानित किया। दोनों अधिकारियों ने उन्हें सैल्यूट कर हौसला बढ़ाया, जिससे पूरा पुलिस विभाग गौरवान्वित हुआ।
दरअसल, बीते दिनों अमेरा ओपन कास्ट खदान में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए पथराव के दौरान महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज भीड़ को नियंत्रित करते हुए बुरी तरह गिर गई थीं। पत्थरों की लगातार मार के बावजूद वह डटी रहीं। पथराव में उनका हेलमेट उखड़ गया और राउट शील्ड भी टूट गई थी, लेकिन वे डरी नहीं—अपनी ड्यूटी पर मजबूती से टिके रहते हुए टीम का नेतृत्व करती रहीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।



आज हुए सम्मान समारोह में सुनीता भारद्वाज ने कहा कि जब वरिष्ठ अधिकारी इस तरह सम्मान और प्रोत्साहन देते हैं तो किसी भी चोट का दर्द भूल जाता है। उन्होंने सरगुजा जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अधिकारियों ने कहा कि सुनीता भारद्वाज का साहस, प्रोफेशनलिज़्म और कर्तव्य के प्रति समर्पण पुलिस विभाग के लिए प्रेरणादायक है।
यह सम्मान न केवल सुनीता भारद्वाज के जज्बे का सम्मान है, बल्कि उन सभी कोरोना/फील्ड मोर्चे पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों के हौसले की मिसाल भी है, जो जोखिम के बावजूद जनता की सुरक्षा में हर दिन लगे रहते हैं।




