भारत-पाकिस्तान में बढ़ा कूटनीतिक तनाव: जयशंकर के बयान पर भड़का पाकिस्तान, अरुणाचल मुद्दे पर चीन का भी दिया समर्थन

नई दिल्ली/इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद एक बार फिर गहराए हैं। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हालिया बयान के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जयशंकर ने कहा था कि भारत की अनेक समस्याओं की जड़ पाकिस्तान की सेना है, जो वहां की नीतियों को प्रभावित करती है। इस बयान को लेकर पाकिस्तान ने आपत्ति जताते हुए इसे उकसाने वाला और आधारहीन बताया है।
पाकिस्तान का पलटवार
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री का बयान गैर-जिम्मेदाराना है और भारत अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना देश की सुरक्षा का प्रमुख स्तंभ है और किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।
अंद्राबी ने मई में हुए भारत-पाक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पाकिस्तान की सेना ने अपनी क्षमता साबित की थी।
जयशंकर ने क्या कहा था
नई दिल्ली में हुए हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में जयशंकर ने कहा था कि पाकिस्तान की नीतियों में सेना का अत्यधिक हस्तक्षेप उसकी सबसे बड़ी समस्या है और भारत के लिए भी कई चुनौतियां उसी से उत्पन्न होती हैं।
चीन के दावे पर पाकिस्तान का समर्थन
तनाव को और बढ़ाते हुए पाकिस्तान ने चीन के अरुणाचल प्रदेश पर दावे का खुलकर समर्थन किया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े हर मुद्दे पर पाकिस्तान लगातार उसके साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा।
यह बयान उस समय आया है जब चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश को जांगनान बताते हुए इसे अपना हिस्सा बताया था। भारत ने इस दावे को सख्ती से खारिज करते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
क्षेत्रीय प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का चीन के साथ खुलकर खड़ा होना और भारत के प्रति आक्रामक बयानबाजी दक्षिण एशिया के कूटनीतिक समीकरणों को और जटिल बना सकता है।
भारत, चीन और पाकिस्तान के त्रिकोणीय समीकरणों में यह बयानबाजी आने वाले महीनों में और अधिक तनाव पैदा कर सकती है।




