
दंतेवाड़ा, 16 मार्च 2026। जिले में दिव्यांगजनों को बेहतर जीवन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 18 एवं 19 मार्च 2026 को जिला स्तरीय जयपुर फुट शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर (राजस्थान) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर का आयोजन प्रातः 10 बजे से इन्डोर स्टेडियम दंतेवाड़ा में किया जाएगा, जहां जिले के दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य परीक्षण, कृत्रिम अंग निर्माण तथा विभिन्न सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

कार्यालय समाज कल्याण द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस दो दिवसीय शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं तकनीकी टीम द्वारा दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद पात्र हितग्राहियों की आवश्यकता के अनुसार उनके लिए कृत्रिम अंग, विशेष रूप से जयपुर फुट और कैलिपर तैयार किए जाएंगे। यह कृत्रिम अंग दिव्यांगजनों को चलने-फिरने में सहूलियत प्रदान करने के साथ ही उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा शिविर में पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें सामान्य ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर और बैसाखी शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजन अधिक स्वतंत्रता के साथ अपनी दिनचर्या पूरी कर सकेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में उन्हें मदद मिलेगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
शिविर में लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक दिव्यांगजनों को कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पात्रता का सत्यापन कर लाभ प्रदान किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिविर में आने वाले सभी दिव्यांगजनों को सुव्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की जाएं और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी पात्र दिव्यांगजनों से इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाभ लेने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने से वे आत्मविश्वास के साथ अपने दैनिक कार्य कर सकते हैं और सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।
जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की पहल से आयोजित यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। इससे न केवल उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता और उपकरण प्राप्त होंगे, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में भी प्रोत्साहन मिलेगा।




