हिंद-प्रशांत में भारत की ताकत का प्रदर्शन — INS सह्याद्री गुआम पहुँचा, ‘मालाबार’ नौसैनिक अभ्यास में क्वाड देशों की संयुक्त शक्ति का जलवा

भारत की नौसैनिक शक्ति का जलवा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दे रहा है। भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत INS सह्याद्री इस समय गुआम (अमेरिका के प्रशांत द्वीप क्षेत्र) में पहुंच चुका है, जहाँ आज से बहुप्रतीक्षित ‘मालाबार 2025’ नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत हुई।
यह बहुपक्षीय अभ्यास क्वाड देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — की नौसेनाओं के बीच हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक समन्वय और आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
इस अभ्यास में चारों देशों के प्रमुख युद्धपोत, पनडुब्बियाँ, समुद्री टोही विमान और उन्नत रडार सिस्टम भाग ले रहे हैं। भारतीय नौसेना की ओर से INS सह्याद्री, जो शिवालिक वर्ग का स्टेल्थ फ्रिगेट है, अपने अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर प्रणाली के साथ शामिल हुआ है।
नौसेना सूत्रों के अनुसार, इस बार अभ्यास में एंटी-सबमरीन ऑपरेशन, एयर डिफेंस ड्रिल, मिसाइल डिटेक्शन और नाइट ऑपरेशन ट्रेनिंग जैसी उच्चस्तरीय रणनीतियाँ शामिल की गई हैं। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की इस सक्रिय भागीदारी से न केवल देश की समुद्री क्षमता का प्रदर्शन होता है, बल्कि यह संदेश भी जाता है कि भारत अब वैश्विक समुद्री सुरक्षा का एक निर्णायक साझेदार बन चुका है।




