DMF सड़क घोटाला! साजापानी में 5 लाख की सड़क नाले में तब्दील—भ्रष्टाचार की परतें खोली मानव अधिकार संगठन ने

कोरबा
जिले के वनांचल क्षेत्र साजापानी से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जो विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की सच्चाई को बेनकाब करती है। यहां DMF फंड से बनी करीब 5 लाख रुपये की सड़क कुछ ही महीनों में उखड़कर पूरी तरह नाले में बदल गई है।
जहां सड़क होनी चाहिए, वहां अब कीचड़ है, दरारें हैं और जर्जर पुलिया मौत का इंतजार करती दिख रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क का निर्माण इतना घटिया स्तर का हुआ कि पहली ही बारिश में सीमेंट उखड़ गया, मिट्टी बह गई और सड़क का कोई अस्तित्व ही नहीं बचा। हालात यह तक पैदा हो गए कि कुछ लोगों ने खुद सड़क को ही नाले की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जिससे गंदा पानी बहते-बहते सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई।


मानव अधिकार संगठन का बड़ा आरोप
छत्तीसगढ़ मानव अधिकार जे.जे.एफ. ने इस पूरे मामले को “खुला भ्रष्टाचार” बताते हुए कोरबा कलेक्टर को गंभीर शिकायत भेजी है। पत्र में साफ लिखा गया है कि—
सड़क निर्माण में भारी अनियमितता हुई
गुणवत्ता परीक्षण नहीं हुआ
निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट दिखती है
सरकारी धन की खुली लूट हुई है
संगठन ने उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, और तुरंत सड़क मरम्मत की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
ग्रामीणों का सिर्फ एक ही सवाल है—
“क्या DMF की सड़कों का यही हाल होगा? क्या हर साल सड़क बनेगी और हर बारिश उसे बहा ले जाएगी?”
अब पूरा मामला प्रशासन के पाले में है।
देखना ये है कि जिले की व्यवस्था जागेगी या फिर ये शिकायत भी उसी सड़क की तरह ढह जाएगी… और भ्रष्टाचार की ये कहानी यूं ही धूल में दबी रह जाएगी।




