वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में लापरवाही की इंतहा, कबाड़ में फेंकी मिलीं एक्सपायरी और उपयोगी दवाइयाँ

रिपोर्टर: दयाशंकर यादव
लोकेशन: वाड्रफनगर, बलरामपुर
वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर के कबाड़ क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इंजेक्शन, टेबलेट और अन्य जरूरी दवाइयाँ खुले में फेंकी हुई मिलीं, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मौके पर पाई गई दवाइयों में कई ऐसी दवाइयाँ शामिल हैं, जो एक्सपायरी हो चुकी थीं, लेकिन उन्हें नियमानुसार समय पर डिस्पोज नहीं किया गया। इतना ही नहीं, कुछ दवाइयाँ ऐसी भी थीं, जो अभी उपयोग योग्य प्रतीत हो रही थीं। यह स्थिति बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का सीधा और गंभीर उल्लंघन मानी जा रही है।

चिंताजनक बात यह है कि जिन स्थानों पर ये दवाइयाँ फेंकी गईं, वहाँ आम लोगों और अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों की नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे में इन दवाइयों के दुरुपयोग, बच्चों द्वारा उठाने या असामाजिक तत्वों के हाथ लगने की आशंका से जनस्वास्थ्य को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से न तो दवाइयों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था की गई और न ही निगरानी का कोई ठोस सिस्टम दिखाई देता है। इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।





