हेडमास्टर की मनमानी से स्कूल बदहाल, भूखे रहे बच्चेशिक्षकों की आपसी लड़ाई में पिसी पढ़ाई और मिड-डे मील व्यवस्था

कोरबा से रिपोर्ट,
[सरोज रात्रे]
यहां एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर की मनमानी और शिक्षकों की आपसी लड़ाई ने पढ़ाई और मिड-डे-मील दोनों को चौपट कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि मासूम बच्चे भूखे घर लौटने को मजबूर हैं। देखिए हमारी खास रिपोर्ट।
ये तस्वीरें कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र के ओमपुर गांव में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला की हैं।
स्कूल में सिर्फ दो शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन दोनों के बीच चल रही तकरार ने पूरे स्कूल को अखाड़ा बना दिया है।

कान में ईयरफोन, जैकेट पहने नजर आ रहे हैं स्कूल के वरिष्ठ प्रधानपाठक फणींद्र नाथ साहू।
दूसरी ओर हैं अतिथि शिक्षक सत्यप्रकाश दास।
आरोप है कि प्रधानपाठक की मनमानी और हठधर्मिता के चलते हाल ही में बच्चों को दोपहर का भोजन तक नहीं मिला और उन्हें भूखे पेट घर लौटना पड़ा।

मामले को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
आरोप है कि हेडमास्टर मनमाने तरीके से स्कूल का संचालन कर रहे हैं।
स्टाफरूम में ताला लगा रहता है, मिड-डे-मील बनाने वाली महिलाएं नाराज हैं और पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
हालांकि प्रधानपाठक इन आरोपों से इनकार करते हुए अपना अलग तर्क पेश कर रहे हैं।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रधानपाठक को हटाने की मांग तक कर दी है।
सवाल ये है कि जब स्कूल में हेडमास्टर और शिक्षक आपस में ही भिड़े हों,
जब मिड-डे-मील व्यवस्था ठप हो,
तो ऐसे में गरीब और मासूम बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?
अगर जल्द इस अव्यवस्था पर कार्रवाई नहीं हुई,
तो शिक्षा का मंदिर कहलाने वाला यह स्कूल बच्चों के लिए सजा बनता चला जाएगा।




