बिहार की जंग में छत्तीसगढ़ की गूंज — देव बोले, ‘एनडीए की ऐतिहासिक जीत तय’, विपक्ष पर बरसे साव-शर्मा-चौधरी

बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार थमने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है। छत्तीसगढ़ से बिहार पहुंचे भाजपा के बड़े नेताओं ने दावा किया है कि इस बार एनडीए की जीत ऐतिहासिक होगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पटना जिले के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करते हुए कहा कि “बिहार की जनता लालू-राबड़ी के जंगलराज को नहीं, विकासराज को चुनने वाली है।
विस्तार से:
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पटना के बांकीपुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी और बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन के समर्थन में सघन जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपहरण, लूट और भय की राजनीति से अब तौबा कर चुके हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने जिस तरह शांति और विकास का रास्ता चुना है, उसे अब वापस अंधेरे में नहीं धकेला जा सकता।
देव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा —
“राहुल गांधी प्रधानमंत्री का अपमान करते-करते अब छठी मैया तक पहुंच गए हैं। बिहार की मिट्टी और इसकी आस्था किसी ‘ड्रामे’ की नहीं, बल्कि धरती की सच्ची श्रद्धा की प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता कांग्रेस को इस बार ऐसा सबक सिखाएगी कि “छठ का उजाला उन्हें सालों तक याद रहेगा।
अरुण साव का बयान
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने एनडीए प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा कि अगर लालू के बेटे तेजस्वी यादव सत्ता में आए, तो “बिहार में अपराधों के तीन नए विभाग — हत्या, अपहरण और रंगदारी मंत्रालय — खुल जाएंगे।”
साव ने कहा कि “राजग की जीत ही बिहार को अपराध और अव्यवस्था से बचा सकती है।”
विजय शर्मा का बयान
दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस-राजद गठबंधन को “सत्ता-पिपासु जोड़ी” बताते हुए कहा —
“कांग्रेस और आरजेडी के बीच इतनी खींचतान है कि चुनाव से पहले ही दोनों एक-दूसरे के सिर पर राजनीतिक लाठी चला रहे हैं। ऐसे लोग न बिहार का भला कर सकते हैं, न अपना।”
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बयान
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी बिहार में भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। उन्होंने कहा —
“लालू-राबड़ी के जंगलराज में बिहार भय का पर्याय था। आज वही बिहार स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन का केंद्र बन रहा है।”
चौधरी ने दावा किया कि जनता का उत्साह साफ बता रहा है — “इस बार बिहार में एनडीए रिकॉर्ड तोड़ बहुमत से सरकार बनाने जा रहा है।
प्रचार थमने के बाद छत्तीसगढ़ी दल वापिस लौटा:
पहले चरण के मतदान से पहले प्रचार समाप्त होने पर छत्तीसगढ़ से पहुंचे मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा पदाधिकारी अब रायपुर लौट आए हैं। नेताओं ने दावा किया कि बिहार की जनता इस बार “विकास बनाम परिवारवाद” के बीच साफ़ फ़ैसला करने जा रही है।
बिहार की सियासत में छत्तीसगढ़ की आवाज़ गूंजी — पर अब देखना यह है कि क्या बिहार की जनता सचमुच विकास की गूंज सुनती है या जाति और जुबान की पुरानी तान पर झूम उठती है?
राजनीति की रैलियाँ थम चुकी हैं, लेकिन जनता के मन की गिनती अब भी जारी है — और वहां कोई EVM नहीं, अनुभव चलता है..




