वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए ‘सियान गुड़ी’ डेकेयर सेंटर की स्थापना — समाज कल्याण विभाग ने मांगे प्रस्ताव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर जांजगीर-चांपा में शुरू होगी पहल, एनजीओ और संस्थानों को आमंत्रित किया गया संचालन हेतु प्रस्ताव भेजने के लिए
जांजगीर-चांपा, 6 नवम्बर 2025
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और देखभाल के उद्देश्य से राज्य सरकार की एक नई पहल — ‘सियान गुड़ी’ डेकेयर सेंटर — अब जांजगीर-चांपा जिले में भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 1 अक्टूबर 2025 को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत अब जिले में डेकेयर सेंटर के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
समाज कल्याण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा इस योजना के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य वृद्धजनों के देखभाल, संरक्षण, मनोरंजन, एकाकीपन से बचाव और सुरक्षा के लिए एक सम्मानजनक और स्नेहपूर्ण वातावरण तैयार करना है।
कौन कर सकता है संचालन?
उप संचालक समाज कल्याण विभाग, जांजगीर-चांपा ने बताया कि “सियान गुड़ी” का संचालन निम्न संस्थाओं द्वारा किया जा सकेगा —
विभागीय इकाइयाँ
गैर-मान्यता प्राप्त एनजीओ
ट्रस्ट
सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) इकाइयाँ
ग्रामीण एवं नगरीय निकाय
चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थान
इन संस्थाओं के पास कम से कम 3 वर्ष का समाज सेवा, स्वास्थ्य या वरिष्ठ नागरिकों के साथ कार्य करने का अनुभव होना अनिवार्य है।
प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि
इच्छुक संस्थाएँ कार्यालय उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, जांजगीर-चांपा से दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकती हैं।
प्रस्ताव दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशन की तिथि से 10वें दिवस, दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकेंगे।
नियम और आवश्यक दस्तावेज
प्रस्ताव जमा करने के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक होंगे —
संस्था का पंजीयन पत्र और उपनियम
वार्षिक रिपोर्ट/ऑडिट रिपोर्ट
कार्यालय/स्थान का प्रमाण
मानव संसाधन योजना
स्थानीय निकाय से एनओसी या सहयोग पत्र
प्रस्तावित गतिविधियों का कैलेंडर और बजट विवरण
केवल वही संस्थाएँ पात्र होंगी जिनके पास वरिष्ठ नागरिक सेवा के क्षेत्र में कार्यानुभव और संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था है।
योजना का उद्देश्य
“सियान गुड़ी” का मकसद वृद्धजनों को सामाजिक सहभागिता, मानसिक सुकून और देखभाल की सुविधा देना है। इन डेकेयर सेंटर्स में बुजुर्गों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य परामर्श, योग एवं ध्यान सत्र, सामाजिक मेलजोल और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी।
यह पहल न केवल वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का भाव जगाएगी, बल्कि समाज में “अपने बड़ों की देखभाल” की परंपरा को और मजबूत बनाएगी।




