छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में नशा मुक्ति की मिसाल

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे की पहल से सबरिया समाज ने ली शराब न बनाने की शपथ

पुलिस की नशामुक्ति मुहिम का असर, सबरिया समाज ने छोड़ी शराब बनाने की परंपरा

जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) की पहल पर चल रहे “नशा मुक्ति जागरूकता अभियान” का असर अब ज़मीन पर साफ़ दिखाई देने लगा है। सामाजिक पुलिसिंग के तहत पुलिस विभाग अब सिर्फ कानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए भी आगे आ रहा है।

शनिवार को पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय स्वयं ग्राम कोटमीसोनार एवं थाना नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम कटौद पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र के सबरिया और धनुवार समाज के लोगों के बीच नशा मुक्ति अभियान के तहत जनजागरण कार्यक्रम किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में शपथ ली कि अब वे शराब का निर्माण या बिक्री नहीं करेंगे और न ही नशे का सेवन करेंगे।

बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को कॉपियाँ, पेन और पुस्तकें वितरित कीं। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि “जिस बच्चे को सही शिक्षा मिलती है, वह कभी अपराध की राह पर नहीं जाता।”

पुलिस अधीक्षक की सामाजिक पहल

एसपी पांडे ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग यदि आत्मनिर्भर होगा तो अवैध गतिविधियों से खुद-ब-खुद दूरी बना लेगा। इसी सोच के साथ जिले में सबरिया समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

इसके तहत समाज के लोगों को स्वरोजगार, कौशल विकास और विशेष प्रशिक्षण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को बिहान समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की पहल भी की गई है, जिससे वे वैकल्पिक रोजगार अपनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकें।

अवैध शराब पर सख्त रुख

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध शराब की बिक्री एक गंभीर अपराध है। इससे समाज में हिंसा, गरीबी और पारिवारिक विघटन जैसी त्रासदियां जन्म लेती हैं।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे अपराधों की रोकथाम में सहयोग करें और अवैध शराब निर्माण या बिक्री की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी

इस अवसर पर SDOP अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी,
निरीक्षक कमलेश सेंडे,
पुलिस सहायता केंद्र कोटमीसोनार प्रभारी ASI राजेंद्र सिंह,
सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में सबरिया/धनुवार समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

नशामुक्ति से आत्मनिर्भरता की ओर

जिले में यह पहल अब एक मिसाल के रूप में उभर रही है, जहां पहले अवैध शराब निर्माण और नशे की समस्या गहरी थी, वहीं अब वही समुदाय आत्मनिर्भरता और स्वच्छ जीवन की राह पर बढ़ रहा है। पुलिस की यह मानवीय पहल कानून प्रवर्तन के साथ-साथ समाज सुधार की दिशा में भी एक प्रेरक उदाहरण बन गई है।

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