जंगल में मानवता की मिसाल: ITBP जवानों ने दुर्गम अबूझमार में महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई

लोकेशन – अबूझमार क्षेत्र, नारायणपुर / बस्तर संभाग, छत्तीसगढ़
दिनांक – 13 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के दुर्गम और नक्सल प्रभावित अबूझमार क्षेत्र से मानवता और साहस की मिसाल पेश करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस यानी ITBP के जवानों ने जंगल के बीच एक आदिवासी महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराकर उसकी और नवजात की जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक, 13 जनवरी को अबूझमार के घने जंगलों में स्थित ITBP कैंप के पास रहने वाली एक आदिवासी गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। क्षेत्र अत्यंत दुर्गम होने के कारण निकटतम अस्पताल लगभग 42 किलोमीटर दूर स्थित था, जहाँ तक समय पर पहुँचना संभव नहीं था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ITBP के जवानों ने तुरंत निर्णय लेते हुए अपने कैंप को ही आपातकालीन लेबर रूम में तब्दील कर दिया। जवानों ने प्राथमिक चिकित्सा संसाधनों और अपने प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई।
इस दौरान महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। बाद में सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
ITBP जवानों की इस तत्परता और संवेदनशीलता की स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सुरक्षा बल न सिर्फ सुरक्षा का जिम्मा निभा रहे हैं, बल्कि दुर्गम इलाकों में जीवन रक्षक की भूमिका भी निभा रहे हैं।
अबूझमार जैसे दुर्गम इलाके में ITBP जवानों द्वारा दिखाई गई यह मानवता, साहस और सेवा भावना निस्संदेह प्रेरणादायक है।




