बीजापुर अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों में संक्रमण — स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

बीजापुर
राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला बीजापुर से सामने आया है, जहां जिला अस्पताल में हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद नौ मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया।
जानकारी के मुताबिक, इन सभी मरीजों की सर्जरी सरकारी शिविर के तहत की गई थी। ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद मरीजों को आंखों में जलन, दर्द और धुंधलापन महसूस होने लगा। जब उन्हें दोबारा अस्पताल लाया गया, तो जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।
प्रभावित मरीजों का तत्काल उपचार किया जा रहा है, वहीं कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर और रायपुर रेफर किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि संक्रमण ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और उपकरणों की सेनेटाइजेशन प्रक्रिया में लापरवाही के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी शिविर के संचालन में शामिल डॉक्टरों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है, साथ ही अगली सूचना तक ऐसे सभी शिविर अस्थायी रूप से स्थगित कर दिए गए हैं।
यह घटना राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त नेत्र ऑपरेशन जैसे संवेदनशील कार्यों में भी संक्रमण की घटनाएँ सामने आती हैं, तो यह आमजन के भरोसे को गहरा आघात पहुंचाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह “लापरवाही नहीं, बल्कि निगरानी की कमी का नतीजा” है।




