सक्ती में फर्जी आबकारी पुलिस गिरोह का पर्दाफाश — चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

खाकी वर्दी पहनकर घर में घुसे थे, 30 हजार की मांग… पुलिस ने रातों-रात खोला पूरा राज
सक्ती
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में फर्जी आबकारी पुलिस बनकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रविवार देर रात ग्राम परसदा खुर्द में पांच युवकों का समूह घर में घुसकर खुद को आबकारी अधिकारी बताने लगा और शराब बेचने-पिलाने का आरोप लगाकर 30 हजार रुपये की मांग कर डाली। दबाव बनाते हुए गैंग के एक सदस्य ने 3 हजार रुपये भी जबरन ले लिए।
घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरोह का एक युवक खाकी पुलिस वर्दी पहनकर पहुंचा था, ताकि लोग उसे असली अधिकारी समझ लें।
पीड़ित गनपतलाल लहरे ने तत्काल इसकी शिकायत थाना सक्ती में की, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से घेराबंदी की।

तेज कार्रवाई में चार आरोपी धराए — SP की टीम ने पकड़ा पूरा नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर के निर्देश पर एडिशनल एसपी हरिश यादव और थाना प्रभारी लखनलाल पटेल की टीम ने रातभर अभियान चलाया। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
गिरफ्तार आरोपी—
नरेन्द्र गोस्वामी उर्फ दाउ – ग्राम सोठी
अजय गोस्वामी – ग्राम सोठी
रामनारायण धीवर – निवासी अफरीद, सारागांव
लोकेश राठौर उर्फ ओम – निवासी सारागांव
सभी ने स्वीकार किया कि वे खुद को आबकारी पुलिस बताकर घर में घुसे और लोगों को जेल भेजने की धमकी देकर रुपये वसूल रहे थे। गिरोह का एक सदस्य नकदी लेकर मौके से फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने खाकी वर्दी, मोबाइल और दो बाइक बरामद किए
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से
1 खाकी पुलिस वर्दी,
3 मोबाइल फोन और
2 मोटरसाइकिलें
जप्त की हैं।
मामले में पुलिस ने बीएनएस की कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है, जिसमें दबाव डालकर वसूली, प्रतिरूपण, आपराधिक धमकी समेत अन्य प्रावधान शामिल हैं।चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
ऑपरेशन में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई को सफल बनाने में—
सउनि उपेंद्र यादव,
सउनि राजेश यादव,
प्रधान आरक्षक शब्बीर मेमन,
आरक्षक राधेश्याम लहरे
का अहम योगदान रहा।




