15 साल से अंधेरे में जी रहे नवापारा रोड के परिवार, लालटेन की रोशनी में पढ़ने को मजबूर बच्चे

रिपोर्टर: संजना के साथ रुखसार / लोकेशन: जांजगीर-चांपा
देश भले ही डिजिटल इंडिया और स्मार्ट विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हो, लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के पकरिया झूलन के नवापारा रोड में रहने वाले करीब दर्जन भर परिवार आज भी अंधेरे में जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।
यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान तो बन गए हैं, लेकिन इन घरों में बिजली नहीं पहुंची है। हालात ऐसे हैं कि लोग आज भी लालटेन और ढिबरी की रोशनी में अपना जीवन गुजार रहे हैं।



ग्रामीणों का कहना है कि पिछले डेढ़ दशक से वे बिजली के इंतजार में हैं। कई बार बिजली विभाग में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बिजली नहीं होने का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। गांव में 5वीं से लेकर कॉलेज तक पढ़ने वाले छात्र हैं, जिन्हें रात में लालटेन की कमजोर रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि अंधेरे के कारण हमेशा सांप-बिच्छू निकलने का डर बना रहता है और चोरी या असामाजिक तत्वों का भी खतरा रहता है।
अपनी समस्या को लेकर ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे और बिजली कनेक्शन की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। उनका कहना है कि अगर इस बार भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पूरे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर होंगे।
अब सवाल यह है कि जब देश विकास और तकनीक की नई ऊंचाइयों की बात कर रहा है, तब जांजगीर-चांपा के इन परिवारों के घरों तक रोशनी आखिर कब पहुंचेगी।







