किसान की मेहनत पर पड़ा डाका—परसाडीह में 22 कट्ठा धान चोरी, देव प्रसाद जांगड़े सदमे में

लोकेशन – सारंगढ़-बिलाईगढ़
ग्राम – परसाडीह
ग्राम पंचायत परसाडीह में बीती रात एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गांव के मेहनतकश किसान देव प्रसाद जांगड़े के घर के आंगन से 22 कट्ठा धान चोरी हो गया। यह धान सिर्फ अनाज नहीं था—यह एक किसान की सालभर की उम्मीद, पसीने और संघर्ष का पूरा हिसाब था।
देव प्रसाद जांगड़े बताते हैं कि रोज की तरह उन्होंने शाम को धान को सुरक्षित जगह पर रखा था। लेकिन सुबह जब वे आंगन पहुंचे तो वहां का नज़ारा देखकर उनके पैरों तले मानो जमीन ही खिसक गई। जहां कल तक धान से भरे बोरे रखे थे, वहां आज सिर्फ खाली बोरियां और बिखरे तिनके बचे थे—चोरी की रात का एक ख़ामोश सबूत।
22 कट्ठा धान किसी छोटे किसान के लिए केवल फसल नहीं…
रबी की तैयारी का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, घर की रोजमर्रा की जरूरतें और पूरे साल का सहारा होता है। चोरी के बाद देव प्रसाद जांगड़े गहरे सदमे में हैं। उनकी आंखों से छलकते आंसू इस बात का दर्द बयां करते हैं कि उनकी मेहनत पर किसी ने रातोंरात डाका डाल दिया।
गांव में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि—
“किसान दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन उसकी फसल सुरक्षित नहीं… फिर कैसे बचेगा किसान?”

गांव के कृषक और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और अपराधियों की पहचान कर कड़ी सजा देने की मांग की है। लोगों ने पुलिस से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि गांव में ऐसी वारदातें दोहराई न जाएं।
देव प्रसाद जांगड़े आज भी उसी स्थान पर खड़े हैं…
जहां से उनकी मेहनत रातोंरात गायब हो गई।
उनकी आंखों में सिर्फ एक उम्मीद है—
न्याय की उम्मीद।
यह घटना सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि उन सभी किसानों की कहानी है…
जो खेतों में पसीना बहाकर देश का पेट भरते हैं—और बदले में अक्सर दर्द, नुकसान और असुरक्षा ही पाते हैं।




