धान खरीदी में अव्यवस्था तो सड़क पर उतरेंगे किसान—जांजगीर के विधायक व्यास कश्यप ने सरकार को दी कड़ी चेतावनी

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
जिले के विधायक व्यास कश्यप ने आज अपने जांजगीर स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धान खरीदी की अव्यवस्था, पंजीयन में गड़बड़ी, खरीदी क्षमता की कमी और बाहरी राज्यों से चावल की आवक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को कड़े शब्दों में घेरा। साथ ही साफ कहा कि—
“अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो हम सड़क पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।”
- धान खरीदी की देरी, टोकन संकट और खरीदी क्षमता बढ़ाने की मांग
विधायक व्यास कश्यप ने कहा जांजगीर–चांपा जिला हमेशा से धान उत्पादकता में अग्रणी रहा है, लेकिन इस बार धान खरीदी प्रक्रिया में कई खामियां उजागर हो रही हैं।
पूर्व में खरीदी 1 नवंबर से शुरू होती थी, लेकिन इस बार 15 नवंबर से हुई।
कई सोसायटियों में अभी भी खरीदी 2–4 दिन पूर्व ही शुरू हुई है।
किसानों का आरोप है कि पंजीयन पूरा नहीं हुआ, कई नाम छूट गए और
टोकन ही नहीं निकल पाया।
जिनका पंजीयन हुआ है, वे कमी क्विंटल सीमा के कारण वापस लौट रहे हैं।

विधायक ने स्पष्ट कहा—
“प्रतिदिन खरीदी क्षमता नहीं बढ़ाई गई, तो किसानों की फसल मंडी तक पहुंच ही नहीं पाएगी। ऐसी स्थिति में आंदोलन हमारा अंतिम विकल्प होगा।”
उन्होंने कलेक्टर से भी आग्रह किया है कि खरीदी की सीमा और प्रतिदिन की क्षमता दोनों बढ़ाई जाएँ ताकि किसान समय पर धान बेच सकें।
- विधानसभा सत्र में किसानों की आवाज बुलंद करने का ऐलान
व्यास कश्यप ने बताया कि 14 से 17 दिसंबर तक विधानसभा सत्र है और वे किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
उन्होंने कहा—
“सरकार जांजगीर-चांपा के साथ भेदभाव न करे। हम मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग विधानसभा में दोहराएंगे और बजट में सड़कों सहित अन्य विकास कार्यों को जोड़ने का प्रयास करेंगे।”
- DMF राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल
विधायक ने DMF फंड के सही उपयोग पर भी कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया और कहा कि कई परियोजनाओं के लिए घोषित धन समय पर खर्च नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि—
“18 करोड़ से अधिक की सामग्री क्रय कर वितरण किया गया है, उसकी भी जानकारी और जांच मैं विधानसभा में रखूंगा।”
- बाहरी राज्यों से चावल की घुसपैठ पर सख्त रोक की मांग
सबसे गंभीर आरोप राइस मिलर्स पर लगाते हुए उन्होंने कहा—
“कुछ मिलर्स उड़ीसा, झारखंड, बिहार और यूपी से सस्ता धान या चावल लाकर यहां खपाते हैं, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होता है। सरकार को धान ही नहीं, चावल की अवैध आवक रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“मैं डंके की चोट पर कह रहा हूं—बाहरी चावल की एंट्री रोकें, तभी किसानों का लाभ सुनिश्चित होगा।”




