
रिपोर्टर: ब्यूरो रिपोर्ट / लोकेशन: बलरामपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
बलरामपुर जिले के बगरा धान खरीदी केंद्र से सामने आई तस्वीरों ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
आरोप है कि खरीदी केंद्र में रखे धान को जानबूझकर पानी डालकर भिगोया जा रहा था, ताकि उसका वजन बढ़ाया जा सके। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।



दरअसल, प्रदेश में इस साल धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर फरवरी तक चली। किसानों ने बड़ी संख्या में अपना धान खरीदी केंद्रों में बेचा। लेकिन अब बलरामपुर के बगरा उपार्जन केंद्र से जो तस्वीर सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, धान के बड़े-बड़े ढेरों पर पाइप के जरिए पानी डाला गया। जब राइस मिल और संग्रहण केंद्र के लिए ट्रक धान लेने पहुंचे, तब यह पूरा मामला उजागर हुआ। धान पूरी तरह भीगा हुआ मिला।



जांच के दौरान धान का मॉइश्चर करीब 45 प्रतिशत पाया गया, जो सामान्य स्तर से कहीं ज्यादा है। कई बोरियों में धूल-मिट्टी भी मिली, और सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कुछ बोरियों में धान अंकुरित तक हो चुका था।
इससे साफ संकेत मिलते हैं कि धान को लंबे समय से भिगोया जा रहा था, ताकि वजन बढ़ाकर सरकारी सिस्टम को नुकसान पहुंचाया जा सके।


सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल में खरीदी केंद्र से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है। यहां तक कि प्रभारी से जुड़े वाहनों के जरिए धान का उठाव भी किया जा रहा था।
सूचना मिलने पर एसडीएम आनंद नेताम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह संगठित घोटाला है? और क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?




