अपने हक और रोज़गार की मांग को लेकर सड़क पर उतरे मछुआरे, जांजगीर-चांपा में चक्काजाम

रिपोर्टर:- जय ठाकुर के साथ मयंक
लोकेशन:- जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अपने अधिकारों और रोज़गार की रक्षा की मांग को लेकर मछुआरा समाज का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। मछुआरा सहकारी समितियों से जुड़े सैकड़ों मछुआरों ने ओवरब्रिज के पास उग्र प्रदर्शन किया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
आज सुबह बड़ी संख्या में मछुआरे जिला मुख्यालय में एकत्र हुए और सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की स्थिति बन गई और घंटों तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
प्रदर्शनकारी मछुआरों का आरोप है कि मछली पालन विभाग और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से मछुआरा सहकारी समितियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमों को दरकिनार कर गैर-मछुआरा समुदाय के लोगों को समितियों में शामिल कर लिया गया है।


मछुआरों का यह भी आरोप है कि इन्हीं अपात्र लोगों को तालाबों और जलाशयों का आवंटन कर अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारंपरिक मछुआरा समाज बेरोजगारी और आजीविका के गंभीर संकट से जूझ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मछली पालन नीति 2022 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने तथा जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित मछुआरे अपनी मांगों पर अड़े रहे। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मछुआरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।




