अर्थशास्त्र

Budget 2026 पर फिच की प्रतिक्रिया: भारत की आर्थिक वृद्धि 6.4% रहने का अनुमान, कर्ज में धीरे-धीरे कमी का रास्ता सही

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया है। फिच ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। एजेंसी का कहना है कि मजबूत जीडीपी ग्रोथ भारत के कई संप्रभु ऋण मानकों में सकारात्मक सुधार ला रही है।
फिच के मुताबिक, बजट में सरकार की सरकारी कर्ज को धीरे-धीरे कम करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है। इसे मजबूत पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के साथ संतुलित किया गया है, जिससे भविष्य में विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी। हालांकि, बजट में किसी बड़े संरचनात्मक सुधार की घोषणा नहीं हुई, लेकिन फिच को आगे चलकर खासकर विनियमन में ढील (डीरगुलेशन) को लेकर और सुधारों की उम्मीद है।
घाटा घटाना चुनौतीपूर्ण
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि जीडीपी वृद्धि से ज्यादा समझौता किए बिना राजकोषीय घाटे में और कटौती करना अब कठिन होता जा रहा है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3% तय किया है, जो 2025-26 के 4.4% से थोड़ा कम है। फिच का मानना है कि राजकोषीय समेकन की रफ्तार सीमित ही रहेगी।
पूंजीगत खर्च पर जोर
फिच ने कहा कि सरकार ने सख्त घाटा नियंत्रण के बजाय पूंजीगत व्यय को जीडीपी के 3.1% पर स्थिर रखने का विकल्प चुना है, जिससे निजी निवेश की सुस्ती की भरपाई की जा सके। इससे मध्यम अवधि में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
फिच रेटिंग्स के डायरेक्टर जेरेमी जूक ने कहा कि भारत का बजट आर्थिक स्थिरता और विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो लंबे समय में देश की ऋण स्थिति को मजबूत कर सकता है।

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