जांजगीर-चांपा

महाशिवरात्रि पर लक्ष्मणेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

रिपोर्टर :- मयंक
लोकेशन :- खरौद, जांजगीर-चांपा

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के काशी कहे जाने वाले जांजगीर-चांपा जिले के प्रसिद्ध लक्ष्मणेश्वर मंदिर में आज आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने लक्ष्मणेश्वर महादेव पर जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूरे खरौद सहित आसपास के क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति की आस्था के साथ दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। साथ ही चिकित्सा शिविर और पेयजल की भी व्यवस्था की गई है।

लोकमान्यता है कि वनवास काल में भगवान राम के अनुज लक्ष्मण ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी, इसी कारण इसे लक्ष्मणेश्वर महादेव कहा जाता है। खरौद को “छत्तीसगढ़ की काशी” के नाम से भी जाना जाता है।
यहां एक विशेष परंपरा भी प्रचलित है, जिसमें श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर सवा लाख चावल अर्पित करने का संकल्प लेते हैं। मान्यता है कि सच्चे भाव से चढ़ाया गया चावल भगवान स्वीकार करते हैं और भक्त की इच्छा पूर्ण होती है। विशेष रूप से सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यह परंपरा अधिक देखने को मिलती है।
कहा जाता है कि यहां दर्शन-पूजन करने से काशी के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के इस अवसर पर खरौद में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

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