छत्तीसगढ़ में निवेश की बाढ़: 33 हज़ार करोड़ के प्रस्ताव, 10 हजार से अधिक नई नौकरियों का रास्ता खुला

छत्तीसगढ़ उद्योग विकास के क्षेत्र में लगातार नए आयाम गढ़ रहा है। हाल ही में आयोजित एक बड़े निवेश सम्मेलन (Investment Summit) में राज्य को लगभग ₹33,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राज्य के लिए रिकॉर्ड स्तर का निवेश भरोसा है, जो आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास की गति को और तेज करेगा।
कौन-कौन से सेक्टर में आए निवेश प्रस्ताव?
निवेशकों ने कई प्रमुख क्षेत्रों में रुचि दिखाई—
खनिज और स्टील सेक्टर
ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा (Solar & Green Energy)
खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित उद्योग
लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण व कंपोनेंट उद्योग
फ़ार्मा और केमिकल सेक्टर
इन सभी में निवेश आने से राज्य की औद्योगिक क्षमता और रोजगार अवसरों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
10 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के स्थापित होने पर 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे युवाओं के लिए नए अवसर बनेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों तक आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
सरकार का उद्योग-हितैषी मॉडल काम कर रहा है
राज्य सरकार की सिंगल-विंडो क्लियरेंस, तेजी से परमिट जारी करने की व्यवस्था, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और पारदर्शिता को इस निवेश वृद्धि के प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सरकार ने दावा किया है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ ने निवेश प्रक्रिया को इतना सरल बनाया है कि देश-विदेश के बड़े निवेशक राज्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा क्यों?
उद्योगों के लिए भू-आवंटन में तेजी
लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार
कोल, लोहा, बॉक्साइट और अन्य खनिज संसाधनों तक बेहतर पहुंच
शांत व सुरक्षित व्यवसाय माहौल
सरकारी तंत्र में जवाबदेही और दक्षता
आगे की दिशा
राज्य सरकार ने इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए विभागों को टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं। योजना है कि अगले कुछ महीनों में MoU और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रोजेक्ट्स का काम शीघ्र शुरू हो सके।




