छत्तीसगढ़ विधानसभा का चौथा दिन आज: हंगामे के आसार, बड़े मुद्दों पर सरकार–विपक्ष आमने-सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रश्नकाल से लेकर विधायी कार्य और विशेष चर्चाओं तक, सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के संकेत हैं। किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
प्रश्नकाल से शुरुआत
कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नोत्तर काल से होगी। धान खरीदी, सहकारी समितियों की भूमिका, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं और शहरी–ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर मंत्रियों को जवाब देना होगा। प्रश्नकाल के दौरान हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज होंगे प्रस्तुत
वित्त मंत्री ओपी चौधरी नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। वहीं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन कारखाना अधिनियम, दुकान एवं स्थापना अधिनियम और ठेका श्रम अधिनियम से जुड़ी अधिसूचनाएं प्रस्तुत करेंगे।
40 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
नियम 138(1) के तहत किसानों की समस्याएं, धान खरीदी में अव्यवस्था, सहकारी समितियों में अनियमितता, पीएम आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, सड़क दुर्घटनाएं और वन भूमि अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर 40 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे।
विधायी कार्य और संशोधन विधेयक
आज सदन में छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (संशोधन) विधेयक 2025, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 और जन विश्वास (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा होगी।
विशेष चर्चा और संकल्प
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर दो घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है। साथ ही अस्पतालों के उन्नयन और आदिवासी क्षेत्रों में छात्रावास सुदृढ़ीकरण जैसे अशासकीय संकल्प भी रखे जाएंगे।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ विधानसभा का आज का दिन हंगामेदार और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहने की पूरी संभावना है।



