कबाड़ से जुगाड़ तक… पामगढ़ के विज्ञान मेले में नन्हें वैज्ञानिकों का कमाल

रिपोर्टर-दीपक यादव/लोकेशन-जांजगीर-चांपा

जिला जांजगीर-चांपा के पामगढ़ ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में आज विज्ञान के रंग बिखरे। यहां आयोजित विज्ञान मेले में नन्हें वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया कि संसाधन सीमित हों, तब भी सोच असीमित हो सकती है।
विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने सूक्ष्मदर्शी से लेकर प्रयोगशाला तक विज्ञान के सिद्धांतों को बेहद सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। बच्चों ने स्लाइड के माध्यम से सूक्ष्मदर्शी का प्रयोग कर सूक्ष्म जगत से परिचय कराया, वहीं अम्ल और क्षार से जुड़े प्रयोगों ने दर्शकों को खासा आकर्षित किया।
छात्र-छात्राओं ने सुचालक और कुचालक पदार्थों की पहचान, पदार्थों का वर्गीकरण और पृथक्करण, चुम्बकीय एवं अचुम्बकीय वस्तुओं का प्रदर्शन, तापमापी के उपयोग तथा पदार्थों की अवस्थाओं को सहज भाषा में समझाया।
विज्ञान मेले की खास बात रही अंधविश्वास और मिथकों पर आधारित मॉडल, जहां बच्चों ने तार्किक तथ्यों के साथ यह बताया कि कैसे विज्ञान अंधविश्वासों पर विजय पाता है।



इस वर्ष मेले की थीम “कबाड़ से जुगाड़” रही, जिसके तहत विद्यार्थियों ने बेकार सामग्री से उपयोगी और रचनात्मक मॉडल तैयार कर सभी को चकित कर दिया।
मेले में दो छात्राओं ने डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए अस्पताल का दृश्य प्रस्तुत किया। स्टेथोस्कोप के माध्यम से हृदय की धड़कन सुनाकर चिकित्सा उपकरणों की उपयोगिता को व्यवहारिक रूप में दर्शाया गया, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम में ग्राम के युवा पंच, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की शिक्षिका सस्मिता मैम, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पेंड्री के प्रधान पाठक अश्वनी कुमार रात्रे, शिक्षकगण एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विज्ञान मेले का सफल आयोजन प्रधान पाठक निर्मलकर के मार्गदर्शन एवं शिक्षकों के सहयोग से संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ है, जो ग्रामीण अंचल में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।




